संयुक्त सचिव (ईएमआरएस), जनजातीय कार्य मंत्रालय – सदस्य।
एक प्रधान सचिव, राज्य सरकार – सदस्य।
आयुक्त, नवोदय विद्यालय समिति – सदस्य।
निदेशक, एनसीईआरटी के प्रतिनिधि – सदस्य।
अध्यक्ष, सीबीएसई के प्रतिनिधि – सदस्य।
भारतीय खेल प्राधिकरण के प्रतिनिधि – सदस्य।
राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के प्रतिनिधि – सदस्य।
उप आयुक्त (शैक्षणिक प्रभार), एनईएसटीएस – सदस्य।
ईएमआरएस के एक प्रधानाचार्य – सदस्य।
ईएमआरएस के एक शिक्षक, अधिमानतः राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्तकर्ता – सदस्य।
अध्यक्ष की स्वीकृति से अन्य सदस्यों को सहयोजित (Co-opt) किया जा सकता है।
शैक्षणिक समिति की बैठक प्रत्येक छह माह में कम-से-कम एक बार आयोजित की जाएगी।
तथापि, आवश्यकता पड़ने पर अध्यक्ष द्वारा विशेष बैठकें आहूत की जा सकती हैं।
अध्यक्ष तथा चार सदस्य मिलकर गणपूर्ति (कोरम) का गठन करेंगे।
शैक्षणिक समिति के कार्य:
ईएमआरएस एवं ईएमडीबीएस के लिए पाठ्यचर्या, शिक्षण के माध्यम, विद्यार्थियों के प्रवेश तथा अन्य कार्यक्रमों के संबंध में मानक निर्धारित करना तथा ईएमआरएस में प्रारंभ किए जाने वाले शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रमीय कार्यक्रमों के संबंध में एनईएसटीएस को परामर्श देना।
शैक्षणिक गतिविधियों, सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों, खेलकूद आदि में उत्कृष्ट प्रथाओं का परीक्षण करना तथा राज्य/केंद्रशासित प्रदेश ईएमआरएस समितियों को उन्हें अपनाने में सुविधा प्रदान करना; इन कार्यक्रमों की समय-समय पर समीक्षा करना तथा सुधारात्मक उपाय सुझाना।
ईएमआरएस में प्रवेश हेतु एकरूप दिशानिर्देश एवं प्रक्रियाएँ विकसित करना, जिन्हें राज्य/केंद्रशासित प्रदेश ईएमआरएस समितियों द्वारा अपनाया जाएगा।
ईएमआरएस विद्यार्थियों के लिए खेल एवं सांस्कृतिक आयोजनों के संचालन हेतु दिशानिर्देश/कार्यप्रणाली तैयार करना।
सीबीएसई, एनसीईआरटी, एआईसीटीई, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (DoSE&L), शिक्षा मंत्रालय (MoE) आदि विशेषज्ञ संस्थाओं के सहयोग से शिक्षा में मूल्य संवर्धन एवं नवाचार के माध्यम से आदर्श विद्यालयों के विकास हेतु प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों की विशेषज्ञता का उपयोग करना।
शिक्षकों एवं सहायक कर्मचारियों के प्रशिक्षण, शिक्षण की गुणवत्ता में वृद्धि तथा एनईएसटीएस के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु गतिविधियों/कार्यशालाओं/प्रशिक्षण कार्यक्रमों की योजना बनाना तथा सुझाव प्रदान करना।
ईएमआरएस/ईएमडीबीएस/उत्कृष्टता केंद्र (CoE) में शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रमीय सुधारों हेतु नीतियाँ एवं कार्ययोजनाएँ तैयार करना।