
दिनांक : 10.07.2025
जनजातीय विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, कौशल-आधारित शिक्षा एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 09 जुलाई, 2025 को दो समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। पहला समझौता टाटा मोटर्स लिमिटेड (TML) एवं एक्स-नवोदयन फाउंडेशन (ENF) के साथ किया गया, जिसका उद्देश्य समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देना तथा जनजातीय युवाओं को सशक्त बनाने के लिए आईआईटी-जेईई (IIT-JEE) एवं नीट (NEET) परीक्षाओं की तैयारी हेतु गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन एवं कोचिंग उपलब्ध कराना है। दूसरा समझौता एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRSs) से कक्षा 12 उत्तीर्ण जनजातीय विद्यार्थियों को कौशल-आधारित शिक्षा एवं रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को विशेष रूप से टाटा मोटर्स कौशल्य कार्यक्रम में नामांकित कर उन्हें उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण एवं रोजगारपरक अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इन समझौता ज्ञापनों का उद्देश्य ईएमआरएस के विद्यार्थियों को अत्यधिक प्रतिस्पर्धी जेईई मेन/एडवांस्ड एवं नीट परीक्षाओं की समग्र तैयारी हेतु गुणवत्तापूर्ण कोचिंग प्रदान करना, साथ ही उन्हें कौशल-आधारित शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों से जोड़कर उनके समग्र शैक्षिक एवं व्यावसायिक विकास को सुनिश्चित करना है।

दोनों समझौता ज्ञापन (MoUs) शैक्षणिक सत्र 2025–26 से प्रारम्भ होने वाली पाँच वर्षीय अवधि के लिए संपादित किए गए हैं। यह साझेदारी जनजातीय विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक अंतराल को कम करने तथा उन्हें कौशल-आधारित शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों से जोड़ने के साझा उद्देश्य को प्रतिबिंबित करती है। इन पहलों से देश के 28 राज्यों एवं 8 केंद्रशासित प्रदेशों में संचालित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRSs) में अध्ययनरत 1,38,336 से अधिक विद्यार्थियों को लाभान्वित होने की अपेक्षा है। यह पहल राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों तथा सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के अनुरूप है, क्योंकि इसका मुख्य केंद्रबिंदु शिक्षा एवं रोजगारयोग्यता को सुदृढ़ करना है। इसके माध्यम से जनजातीय युवाओं को कुशल कार्यबल में सम्मिलित होने के लिए एक सुव्यवस्थित एवं सुदृढ़ मार्ग प्रदान किया जाएगा। भविष्य में, इस पहल के प्रारंभिक चरण से प्राप्त परिणामों के आधार पर इस मॉडल का विस्तार अन्य जनजातीय शिक्षा कार्यक्रमों तक किया जाएगा, जिससे इसकी दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित हो सके तथा इसे व्यापक प्रभाव के लिए नीतिगत ढाँचों में समाहित किया जा सके। यह सामरिक सहयोग शैक्षिक असमानताओं को दूर करने तथा जनजातीय समुदायों के लिए स्थायी अवसरों के सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सार्थक कदम है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास तथा आजीविका संवर्धन पर केंद्रित ये पहलें न केवल जनजातीय युवाओं को सशक्त बनाएंगी, बल्कि सामाजिक समावेशन एवं राष्ट्रीय प्रगति के व्यापक उद्देश्यों को भी गति प्रदान करेंगी। लक्षित सहयोग एवं परिवर्तन के प्रति साझा प्रतिबद्धता के माध्यम से यह पहल हजारों विद्यार्थियों के लिए बेहतर, सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य के नए द्वार खोलेगी।
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